स्वस्थ रहने के लिए हफ्ते में कितनी बार बदलनी चाहिए बिस्तर की चादरें? जानें एक्सपर्ट्स की राय
स्वस्थ और रोगमुक्त रहने के लिए केवल पौष्टिक भोजन ही काफी नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता और जीवनशैली की आदतें भी जरूरी हैं। कोरोना महामारी के बाद से इस बारे में जागरूकता और बढ़ी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खुद को साफ रखने के साथ-साथ घर और विशेष रूप से बिस्तर को स्वच्छ रखना बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन कई लोगों को यह सही जानकारी नहीं होती कि बिस्तर की चादरें कितने दिनों के अंतराल पर बदलनी चाहिए।
गंदी चादरों से होने वाले स्वास्थ्य खतरे
विशेषज्ञों के मुताबिक, गंदी बेडशीट से कई तरह के रोगाणु (Pathogens) फैल सकते हैं। लंबे समय तक एक ही चादर का इस्तेमाल करने से यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर कर सकती है और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकती है।
गंदी बेडशीट से निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं:
- एक्ने (Acne) और मुंहासे
- एलर्जी (Allergies) और एक्जिमा
- अस्थमा (Asthma)
- सर्दी-खांसी, बुखार
- नींद की समस्याएं (Sleep issues)
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बिस्तर की चादरों पर तेल, धूल, गंदगी और त्वचा की मृत कोशिकाएं जमा हो जाती हैं। इसके कारण यहां कीटाणुओं का प्रजनन होता है और चादर पर रोगाणुओं की संख्या सात दिनों के भीतर ही तेजी से बढ़ने लगती है।
बेडशीट बदलने का सही समय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार, स्वस्थ रहने के लिए हफ्ते में कम से कम एक बार बिस्तर की चादरें बदलनी चाहिए।
हालांकि, अगर तीन से चार दिनों के अंतराल पर बेडशीट बदली जाए तो यह और भी बेहतर होता है। इससे चादर पर कीटाणुओं की संख्या को बढ़ने का मौका नहीं मिलता और संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है।
इसलिए, रोज़मर्रा की भागदौड़ के बीच भी खुद को और परिवार के सदस्यों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से बिस्तर की चादरें बदलने की आदत डालना अनिवार्य है। यह एक छोटी सी आदत है, लेकिन इसका स्वास्थ्य लाभ बहुत बड़ा है।