कम नींद ही मोटापे का मुख्य कारण! रोज 6 घंटे सोने वालों की कमर 9 घंटे सोने वालों से 3 सेमी ज्यादा, नई रिसर्च

मोटापे (स्थूलता) और नींद के संबंध को लेकर समाज में कई धारणाएँ प्रचलित हैं। लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण शोध ने इन मान्यताओं को चुनौती देते हुए बिल्कुल अलग जानकारी सामने रखी है। इस रिसर्च के अनुसार, कम नींद ही शरीर में वसा (फैट) बढ़ने का एक प्रमुख कारण है।

ब्रिटेन की ‘यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स’ के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि जो लोग रोजाना औसतन छह घंटे सोते हैं, उनकी कमर का माप प्रतिदिन नौ घंटे सोने वाले लोगों की तुलना में लगभग तीन सेंटीमीटर अधिक होता है। इतना ही नहीं, कम सोने वाले लोगों में वजन बढ़ने की प्रवृत्ति भी अधिक देखी गई है।

शोधकर्ता टीम के सदस्य, ग्रेग पॉटर ने इस संदर्भ में कहा, “पूरी दुनिया में 1980 की तुलना में मोटापे से पीड़ित लोगों की संख्या अब दोगुनी हो गई है। मोटापा केवल टाइप 2 डायबिटीज का ही नहीं, बल्कि यह कई अन्य बीमारियों को जन्म दे सकता है। इसलिए यह शोध करना बेहद जरूरी है कि लोगों का वजन क्यों बढ़ रहा है।”

इस शोध ने यह भी खुलासा किया है कि अपर्याप्त नींद केवल वसा वृद्धि ही नहीं, बल्कि मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर बीमारियों का भी एक बड़ा कारण हो सकती है। शोधकर्ताओं का दावा है कि हाल के दिनों में लोगों में कम सोने की प्रवृत्ति देखी जा रही है, जो मोटापे के बढ़ने का एक मुख्य कारण है।

‘प्लस वन’ (PLOS One) नामक एक जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च के लिए कुल 1,615 वयस्क लोगों के खान-पान की आदतों और उनके सोने के समय का गहनता से अवलोकन किया गया। शोधकर्ता दल ने बताया कि हर व्यक्ति के लिए आवश्यक नींद की मात्रा उसकी दैनिक जीवनशैली पर निर्भर करती है, लेकिन सामान्य तौर पर एक स्वस्थ वयस्क के लिए रोजाना सात से नौ घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है। यह शोध स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त नींद के महत्व पर नए सिरे से प्रकाश डालता है।

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