राजनीति के रंगमंच पर नया मोड़! कुणाल घोष को फोन कर रो पड़े पार्थ चटर्जी, बोले— ‘मैंने चोरी नहीं की’

बंगाल की राजनीति में दुश्मनी को भुलाकर एक नया समीकरण बनता दिख रहा है। बुधवार शाम को हाल ही में जेल से रिहा हुए पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी ने तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष को फोन किया। एक समय था जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुणाल घोष का नाम लेने से मना किया था, लेकिन पार्थ चटर्जी के इस फोन कॉल ने नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

दुश्मनी भूली और किया फोन:

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार शाम को पार्थ चटर्जी ने कुणाल घोष को फोन किया और दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद पार्थ घर लौटे हैं। फोन पर उन्होंने कुणाल घोष का शारीरिक हालचाल पूछा और उनके इलाज के बारे में भी जानकारी ली।

बातचीत के दौरान पार्थ चटर्जी भावुक हो गए और रो पड़े, और उनके मुँह से केवल एक ही बात निकली— “मैंने चोरी नहीं की।”

समय का बदलाव:

वह समय था जब कुणाल घोष जेल में बंद थे (तीन साल से अधिक)। तब पार्थ चटर्जी तृणमूल के एक दबंग नेता थे और उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुणाल घोष के बारे में नकारात्मक टिप्पणी की थी।

समय बदला है। कुणाल घोष जेल से रिहा होकर अब पार्टी के प्रवक्ता हैं। वहीं, भ्रष्टाचार के आरोपों में तीन साल और तीन महीने जेल में बिताने के बाद पार्थ चटर्जी जमानत पर घर लौटे हैं।

पुरानी दुश्मनी जो भी रही हो, जीवन के लगभग एक ही समय में जेल में रहे इन दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत बंगाल के राजनीतिक गलियारों में एक नया और सनसनीखेज मोड़ लेकर आई है।

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