भ्रष्टाचार पर एक्शन की तैयारी! पश्चिम बंगाल को मिले नए लोकायुक्त, पूर्व हाईकोर्ट जज रवींद्रनाथ सामंत को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में अब भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सोमवार को, कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, जस्टिस रवींद्रनाथ सामंत को राज्य का नया लोकायुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने जस्टिस असीम राय की जगह ली है।
यह नियुक्ति एसआईआर (SIR) के मौजूदा माहौल के बीच नबन्ना (राज्य सचिवालय) का एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जस्टिस सामंत की पहचान एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के तौर पर है। हाईकोर्ट के जज रहने के अलावा, उन्होंने विभिन्न जिलों में सत्र और जिला न्यायाधीश के रूप में भी कार्य किया है और वे अपनी कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। रोचक बात यह है कि वह एक लेखक भी हैं, जो कविता समेत विभिन्न विषयों पर लिखते हैं।
कौन और कैसे नियुक्त करता है लोकायुक्त?
लोकायुक्त की संस्था मंत्रियों, विधायकों, प्रशासन और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की शिकायतों की जाँच करती है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नागरिकों को त्वरित एवं निष्पक्ष शिकायत निवारण प्रदान करना है।
लोकायुक्त की नियुक्ति राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सलाह पर पूरी की जाती है। राज्य सरकार एक चयन समिति का गठन करती है, जिसमें विधानसभा में विपक्ष के नेता की उपस्थिति अनिवार्य होती है। इससे पहले, रिटायर्ड जस्टिस असीम कुमार राय 2018 में राज्य लोकायुक्त नियुक्त हुए थे, जिनका कार्यकाल बाद में दो साल के लिए बढ़ाया गया था।