वर्धमान में ‘त्रुटि रहित’ वोटर लिस्ट बनाने का निर्देश! ‘बांग्लादेशी या अन्य देश के नागरिक का नाम पाए जाने पर हटेगा’

आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) तैयार करने के काम का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने पूर्व बर्धमान का दौरा किया। बुधवार को उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में दिन भर बैठक की। बैठक के बाद विशेष पर्यवेक्षक ने बताया कि काम की प्रगति से वह संतुष्ट हैं और कोई ‘गंभीर समस्या’ सामने नहीं आई है।

सॉफ्टवेयर और अनकलेक्टेड फॉर्म: सुब्रत गुप्ता ने कहा, “मुझे तो एक विषय देखने के लिए कहा गया है कि वोटर रोल या इलेक्टोरल रोल सही ढंग से तैयार हो। कोई बहुत गंभीर समस्या नहीं है। कुछ सॉफ्टवेयर से संबंधित समस्याएं EROs (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) ने बताई हैं।” उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ मामलों में, मतदाताओं ने फॉर्म ले लिए, लेकिन बाद में जमा नहीं कर पाए या कहीं और चले जाने के कारण वे फॉर्म ‘अनकलेक्टेड’ रह गए हैं।

EROs को विशेष निर्देश: जिलाधिकारी कार्यालय में हर विधानसभा क्षेत्र के EROs के साथ विस्तार से चर्चा हुई। इसमें दो मुख्य बातें सामने आईं: १. एनुमरेशन का काम कितना आगे बढ़ा है, कितने फॉर्म जमा और डिजिटाइज़ हुए हैं। २. जो फॉर्म जमा नहीं हुए हैं, वे क्यों नहीं हुए और उन्हें जल्द से जल्द रात तक सिस्टम में अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

विशेष पर्यवेक्षक ने कहा, “हमारा आकलन है कि काम सिस्टेमैटिकली हुआ है और हमारे EROs भी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि वे पूरी तरह से त्रुटि रहित रोल तैयार कर सकें। अगले सात-आठ दिनों में यही प्रयास होगा।”

ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद होगा सही मूल्यांकन: सुब्रत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि काम संतोषजनक रहा है या नहीं, यह ११ दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन (मसौदा सूची जारी) के बाद ही पता चलेगा। उस दिन सटीकता का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि उस दिन मतदाता सूची सभी कार्यालयों में लगा दी जाएगी और राजनीतिक दलों को भी कॉपी भेजी जाएगी। उन्होंने कहा, “उनके फीडबैक पर निर्भर करेगा कि काम की गुणवत्ता कैसी रही है।”

आयोग के दो निर्देश: आयोग की ओर से EROs को दो कड़े निर्देश दिए गए हैं: १. कलेक्टेड फॉर्म अब और नहीं रखे जाएंगे, उन्हें तुरंत सिस्टम में रजिस्टर करना होगा। २. अनकलेक्टेड फॉर्म को या तो स्कैन करके सिस्टम में डालना होगा या उन्हें अन-मार्क करना होगा।

उन्होंने आगे कहा, “यदि कोई व्यक्ति बांग्लादेशी या किसी अन्य देश का है, और उसका नाम गलती से यहां के रोल में है, तो जांच के बाद उसका नाम हटा दिया जाएगा।”

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