ये मामूली बात नहीं! सोते समय मुंह से लार क्यों टपकती है? 7 गंभीर कारण, जो बड़े लोगों को भी पता होने चाहिए!

सोते समय मुंह से लार टपकने की समस्या सिर्फ बच्चों में ही नहीं, बल्कि कई वयस्कों को भी परेशान करती है। हालांकि यह समस्या देखने में भले ही सामान्य लगे, लेकिन इसके पीछे कई स्वास्थ्य और आदत से जुड़े कारण हो सकते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इस समस्या को हल्के में न लेकर इसके मूल कारण का पता लगाना और सही इलाज कराना जरूरी है।

मुंह से लार टपकने के ७ मुख्य कारण:

१. गलत सोने का तरीका: जो लोग हमेशा एक करवट या पेट के बल सोते हैं, उनमें मुंह से लार टपकने की प्रवृत्ति अधिक होती है। इस स्थिति में मुंह थोड़ा खुला रह जाता है और लार बाहर निकल जाती है।

२. मुंह से सांस लेना: नाक के बजाय मुंह से सांस लेना या मुंह को थोड़ा खुला रखकर सोना लार टपकने का एक प्रमुख कारण है। सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने पर यह समस्या बढ़ जाती है।

३. गैस्ट्रिक एसिडिटी और एलर्जी: पेट की समस्या जैसे गैस्ट्रिक एसिडिटी और विभिन्न प्रकार की एलर्जी के कारण लार का स्राव असामान्य रूप से बढ़ सकता है।

४. मुंह का संक्रमण: मुंह के अंदर माउथ अल्सर या कोई संक्रमण होने पर थूक (लार) की मात्रा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।

५. दांतों और नाखूनों का स्वास्थ्य: दांतों के बीच भोजन के छोटे कणों का फंसना, दांतों का सड़ना या अस्वस्थ दांत भी लार टपकने का कारण बन सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि दांतों से नाखून चबाने की आदत भी मुंह की नमी कम करके बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती है, जिससे लार टपक सकती है।

६. अत्यधिक थकान और तंत्रिका तंत्र: अत्यधिक शारीरिक या मानसिक थकान, मस्तिष्क का अधिक उपयोग, और कुछ विशेष दवाओं के दुष्प्रभाव से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) में अस्थायी गड़बड़ी हो सकती है, जो लार टपकने का कारण बनती है।

७. तंत्रिका संबंधी समस्या का संकेत: यदि सर्दी के दौरान आपके होंठ का कोना थोड़ा टेढ़ा हो जाए या एक तरफ झुक जाए, तो यह चेहरे की तंत्रिका (Facial Nerves) में किसी समस्या का लक्षण हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।

इस समस्या से मुक्ति पाने के उपाय:

डॉक्टर इस समस्या से बचने के लिए जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने की सलाह देते हैं:

  • सोने की आदत बदलें: पीठ के बल और सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर सोने की आदत डालें। कोशिश करें कि सोते समय मुंह बंद रहे।
  • आहार में बदलाव: अपने आहार में नियमित रूप से विटामिन सी शामिल करें।
  • इलाज कराएं: गैस्ट्रिक एसिडिटी, एलर्जी, या स्लीप एपनिया जैसी किसी भी शारीरिक समस्या का सही इलाज कराएं।
  • हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (पानी) पीते रहें।
  • दवा: आवश्यकतानुसार लार को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवा का सेवन किया जा सकता है।

याद रखें, सोते समय लार टपकने की समस्या को नजरअंदाज न करें और इसके पीछे के असली कारण को जानकर उचित इलाज करवाएं।

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