रेत के टीलों के पीछे छिपा है पाकिस्तान में प्रवेश का गुप्त मार्ग? भारत-पाक सीमा पर युवक गिरफ्तार, खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ी
भारत-पाकिस्तान सीमा पर रेत के टीलों के पीछे किसी गुप्त मार्ग की आशंका अब जोर पकड़ रही है। राजस्थान के बीकानेर में बीएसएफ (BSF) के हाथों एक युवक की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठ रहा है। शनिवार, 6 दिसंबर को, आंध्र प्रदेश के प्रशांत वेदम (Prashant Vedam) नामक इस युवक को बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास ‘नो एंट्री जोन’ से गिरफ्तार किया गया।
आश्चर्य की बात यह है कि यह युवक कुछ साल पहले ठीक इसी जगह से सीमा पार कर पाकिस्तान में घुस गया था और चार साल तक पाकिस्तानी जेल में रहा था।
बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, प्रशांत ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से अपनी यात्रा शुरू की और देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहुंचा। थार रेगिस्तान में वह बेतरतीब ढंग से सीमा की कांटेदार बाड़ की ओर चल रहा था। हिरासत में लिए जाने पर उसने स्वीकार किया कि वह कंटीले तारों में कोई ऐसा छेद ढूंढ रहा था जिससे वह पाकिस्तान में प्रवेश कर सके। उसके बयानों में विसंगति पाए जाने पर सेना ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है।
खुफिया एजेंसियों की बढ़ी चिंता:
पूछताछ में पता चला है कि प्रशांत 2017 में भी करणी पोस्ट के माध्यम से पाकिस्तान में घुसपैठ कर चुका था। पाकिस्तानी सेना ने उसे गिरफ्तार कर लिया था और वह 2021 तक जेल में रहा। बाद में राजनयिक और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से उसे अटारी सीमा से भारत वापस भेज दिया गया था।
चार साल पाकिस्तानी जेल में बिताने के बाद भी इस युवक का फिर से पाकिस्तान में घुसपैठ करने का प्रयास करना खुफिया एजेंसियों के लिए गंभीर संदेह पैदा कर रहा है। खुफिया एजेंसियां अब जांच कर रही हैं कि प्रशांत अकेला आया था या किसी ने उसे बुलाया था या वह किसी गिरोह से जुड़ा हुआ है।
बीएसएफ, स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। विशाखापत्तनम से बीकानेर तक पहुंचने के पूरे मार्ग की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस दौरान उसने किसी से संपर्क किया था या नहीं। इस घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।