वोटर लिस्ट में बड़ा ‘कट’! SIR के बाद लगभग ५८ लाख नाम बाहर, मृत और स्थानांतरित वोटरों का अंतिम हिसाब

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के संकेत मिले हैं। चुनाव आयोग द्वारा दिए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल ५८ लाख से अधिक मतदाताओं के नाम विलोपन (deletion) की सूची में हैं।

चुनाव आयोग सूत्रों के मुताबिक, कुल १ करोड़ ६७ लाख ४५ हजार ९११ मतदाताओं के डेटा का सत्यापन किया जा रहा है। इस विलोपन सूची में, मृत मतदाता के रूप में लगभग २५ लाख नाम हटाए जा सकते हैं। इसके अलावा, स्थायी रूप से स्थानांतरित (permanently shifted) मतदाताओं के रूप में लगभग २० लाख नाम हटाने की सूची में हैं।

किन केंद्रों में कितने नाम हट सकते हैं (प्रारंभिक आंकड़े):

विधानसभा केंद्रविलोपन की संभावित संख्या
भवानीपुर४४ हजार ७८५
नंदीग्रामलगभग १० हजार ८९९
बालीगंज६५ हजार १७०
कोलकाता पोर्ट६३ हजार ७३०
रास बिहारी४२ हजार ५१९
चौरंगी७४ हजार ५५३
जोड़ासाँको७२ हजार ९००
कसबा५८ हजार २२७
राजारहाट-गोपालपुर४७ हजार ६०४

इन आंकड़ों से साफ है कि कोलकाता और उसके आसपास के कुछ केंद्रों में मतदाता सूची संशोधन का प्रभाव बहुत अधिक है। विशेष रूप से, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के केंद्र भवानीपुर में लगभग ४५ हजार नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के केंद्र नंदीग्राम में यह संख्या लगभग १० हजार है।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने हाल ही में यह भी बताया था कि लगभग ८५ लाख मतदाताओं के पिता के नाम में त्रुटियां हैं और ११ लाख से अधिक ऐसे वोटर हैं जिनके जन्म के १५ साल से कम उम्र में ही उनके पिता का नाम वोटर लिस्ट में जुड़ गया था। इन सभी डेटा का भी सत्यापन किया जा रहा है। १६ दिसंबर को मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद अंतिम आंकड़े सामने आएंगे।

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