11 मिनट ‘डेड’ रहने के बाद ज़िंदा लौटी शार्लोट होम्स, बताया- स्वर्ग और नर्क दोनों देखकर बदल गई ज़िंदगी

कहा जाता है कि मौत के बाद कोई ज़िंदा नहीं होता, लेकिन लोग अक्सर स्वर्ग-नर्क की बातें करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो मरने के बाद ज़िंदा होने का दावा करते हैं और अपने चौंकाने वाले अनुभव भी साझा करते हैं? जी हां, ऐसी ही एक महिला आजकल सुर्खियों में हैं, जिन्होंने दावा किया है कि वह 11 मिनट के लिए चिकित्सकीय रूप से मृत (Clinically Dead) थीं और फिर वापस ज़िंदा हो गईं। उन्होंने कहा कि वह इस अद्भुत अनुभव को कभी नहीं भूलेंगी।

शार्लोट होम्स (Charlotte Holmes) नाम की इस 68 वर्षीय महिला ने दावा किया है कि उन्होंने स्वर्ग और नर्क दोनों देखे हैं, और उन्होंने जो देखा उसने उनकी ज़िंदगी बदल दी। मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, शार्लोट एक नियमित कार्डियक चेकअप के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं। उनका ब्लड प्रेशर अचानक 234/134 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में रहने की सलाह दी। अस्पताल में ही उन्हें एक अजीब ‘मौत के करीब’ का अनुभव हुआ।

डॉक्टरों ने किया था ‘क्लिनिकली डेड’ घोषित

शार्लोट ने याद करते हुए बताया कि डॉक्टर ने उन्हें चेतावनी दी थी कि उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता है। जब मेडिकल टीम ने उन्हें ब्लड प्रेशर कम करने के लिए ड्रिप दी, तो उनकी हालत और बिगड़ गई और उन्हें इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उनका दिल 11 मिनट के लिए धड़कना बंद हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें ‘क्लिनिकली डेड’ घोषित कर दिया था।

स्वर्ग का अद्भुत अनुभव

शार्लोट ने बताया, “मैं मेडिकल टीम, अपने आसपास की सभी नर्सों को देख पा रही थी। मुझे सबसे सुंदर फूलों की खुशबू आई जो मैंने कभी नहीं सूंघी थी, और फिर मुझे संगीत सुनाई देने लगा। जब मैंने आँखें खोलीं, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं कहाँ हूँ। मुझे पता चला कि मैं स्वर्ग में हूँ।”

उन्होंने कहा कि फ़रिश्तों ने उन्हें इस दिव्य क्षेत्र में निर्देशित किया, जहां कोई डर नहीं था। स्वर्ग की सुंदरता “हमारी कल्पना से लाखों गुना अधिक” थी। उन्होंने बताया कि इस दिव्य यात्रा के दौरान, उन्होंने अपने सभी मृत रिश्तेदारों, जिनमें उनके माता-पिता और बहन भी शामिल थे, को देखा।

खोए हुए बच्चे से मुलाकात

सबसे भावुक क्षण तब आया जब उनकी नज़र एक छोटे बच्चे पर पड़ी। उन्होंने अपने “दिव्य पिता” की आवाज़ सुनी, जिन्होंने उनसे कहा, “यह तुम्हारा बच्चा है।” दरअसल, शार्लोट ने साढ़े पांच महीने की गर्भावस्था में उस बच्चे को खो दिया था। उन्होंने बताया, “मुझे याद है कि उन्होंने बच्चे को अपनी बाहों में पकड़ रखा था और कहा, ‘शार्लोट, यह एक लड़का है,’ और फिर वह चले गए।”

नर्क का खौफनाक नज़ारा

स्वर्ग की इस अद्भुत यात्रा के बाद, शार्लोट ने दावा किया कि भगवान ने उन्हें कुछ ऐसा दिखाया जिसे वह कभी नहीं भूल सकतीं। उन्होंने कहा, “भगवान मुझे नर्क में ले गए। मैंने नीचे देखा और मुझे सड़े हुए मांस की बदबू आई और चीखें सुनाई दीं।” स्वर्ग की सुंदरता देखने के बाद नर्क का दृश्य असहनीय था। उन्होंने कहा कि यह उन्हें कुछ लोगों के लिए चेतावनी के तौर पर दिखाया गया था कि अगर उन्होंने अपना व्यवहार नहीं बदला, तो उनका अंत वहीं होगा।

इसके बाद, उन्हें अपने पिता की आवाज़ सुनाई दी, “अब तुम्हारा वापस जाने और यह सब साझा करने का समय आ गया है।” उन्होंने बताया कि इसके बाद, उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने शरीर में वापस आ रही हैं। कंसास की निवासी शार्लोट, सितंबर 2019 की इस घटना के बाद दो हफ्ते अस्पताल में रहीं और पूरी तरह ठीक हो गईं। तब से, वह अपना यह अनुभव साझा कर रही हैं।

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