दिल्ली ब्लास्ट विवाद के बाद सामान्य हो रहा अल-फलाह विश्वविद्यालय, प्रोफेसर समेत कई पदों पर भर्ती शुरू

दिल्ली के लाल किले के पास बम विस्फोट की घटना ने एक व्हाइट कॉलर आतंकवादी मॉड्यूल के अल-फलाह विश्वविद्यालय, फरीदाबाद से संबंध का खुलासा किया था। इस मामले में विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर नबी समेत कई प्रोफेसरों, छात्रों और पूर्व छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। इस घटना के कारण विश्वविद्यालय की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई।

हालांकि, समय के साथ विश्वविद्यालय अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रहा है। फरीदाबाद के अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर ने हाल ही में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत शिक्षक और चिकित्सा से संबंधित कई पदों के लिए रिक्तियों की घोषणा की है।

आवेदकों के लिए अवसर:

यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हालिया घटनाओं से हुई क्षति को धीरे-धीरे सुधारने की कोशिश कर रहा है। इच्छुक उम्मीदवार registrar@alfalahuniversity.edu.in पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कुल पदों में शामिल हैं:

  • प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर (फैकल्टी पद)
  • सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर
  • जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर
  • नर्सिंग स्टाफ

दिल्ली विस्फोट और अल-फलाह विवाद:

फरीदाबाद के धौज गाँव में स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। 10 नवंबर, 2025 को हुए दिल्ली बम हमले में एक ‘व्हाइट कॉलर’ मॉड्यूल का पता चला, जिनमें से कई इस विश्वविद्यालय से जुड़े थे। इसके बाद, विश्वविद्यालय को बंद करने की मांग उठने लगी और कई मीडिया चैनलों ने इसे ‘आतंकवाद का केंद्र’ भी बताया।

  • गिरफ्तारियां और संबंध: विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। डॉ. मुजम्मिल गनी, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. आदिल अहमद सहित अन्य डॉक्टरों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों से संबंध होने का संदेह है।
  • मनी लॉन्ड्रिंग: मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग के संदेह में विश्वविद्यालय के संस्थापक चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को ED ने गिरफ्तार किया है। ED ने उनके 25 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
  • अन्य आरोप: आरोप है कि आरोपियों ने विश्वविद्यालय के एक छात्रावास के कमरे में बैठकें की थीं और परिसर से विस्फोटक की आपूर्ति की थी। कैंपस के बाहर किराए के कमरों से 2,900 किलोग्राम से अधिक बम बनाने की सामग्री बरामद की गई थी।

इस कठिन परिस्थिति के बावजूद, अल-फलाह विश्वविद्यालय द्वारा नई नियुक्तियों की घोषणा यह संकेत देती है कि प्राधिकरण शैक्षणिक माहौल को स्थिर करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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