पंकज चौधरी बने उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष! पीयूष गोयल ने की औपचारिक घोषणा, ओबीसी कुर्मी वोट बैंक पर दांव
December 14, 2025

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी के रूप में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। उन्हें सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना गया है। उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में की।
पंकज चौधरी की ताजपोशी को भाजपा की एक अहम राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वह पूर्वांचल के महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र से मजबूत जनाधार रखते हैं। कुर्मी समुदाय से आने वाले पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह राज्य में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) वोट बैंक पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। कुर्मी समुदाय यूपी की ओबीसी आबादी का लगभग आठ प्रतिशत है और यादवों के बाद दूसरा सबसे बड़ा वर्ग माना जाता है।
पंकज चौधरी का राजनीतिक और पारिवारिक सफर
- पृष्ठभूमि: पंकज चौधरी का जन्म 20 नवंबर 1964 को पूर्वांचल के एक प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवार में हुआ। उनका परिवार ‘हरबंशराम भगवानदास आयुर्वेदिक संस्थान प्राइवेट लिमिटेड’ का संचालन करता है, जो प्रसिद्ध आयुर्वेदिक उत्पाद ‘राहत रूह’ बनाता है।
- पारिवारिक दबदबा: महाराजगंज जिला पंचायत में उनके परिवार का लंबे समय से दबदबा रहा है। उनकी मां उज्जवल चौधरी लगातार दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
- राजनीतिक शुरुआत: उन्होंने 1989 में गोरखपुर नगर निगम में पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और उप महापौर भी रहे।
- संसदीय अनुभव: पंकज चौधरी 1991 में पहली बार महाराजगंज से सांसद चुने गए। वह कुल सात बार (1991, 1996, 1998, 2004, 2014, 2019 और 2024) सांसद बने हैं।
- केंद्रीय मंत्री: 2014 के बाद से वह लगातार सांसद हैं और पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया।
- पार्टी का भरोसा: पंकज चौधरी को भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता (कैडर) माना जाता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने 35 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का उन पर विशेष भरोसा है। अमित शाह सार्वजनिक मंचों से उन्हें सबसे अनुभवी सांसदों में गिन चुके हैं।
पंकज चौधरी के हाथों में संगठन की कमान आने से प्रदेश भाजपा में एक नए संगठनात्मक दौर की शुरुआत मानी जा रही है, जिसका सीधा असर आगामी चुनावी रणनीतियों पर देखने को मिल सकता है।