PM मोदी जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के दौरे पर रवाना! कूटनीतिक संबंधों की हीरक जयंती और ग्लोबल साउथ पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दिल्ली से तीन देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा का उद्देश्य जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के साथ भारत के प्राचीन सभ्यतागत और व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
पहला चरण: जॉर्डन (15-16 दिसंबर)
प्रधानमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन से कर रहे हैं। वह 15 से 16 दिसंबर तक जॉर्डन में रहेंगे। इस दौरान, वह किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के साथ भारत-जॉर्डन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने की 75वीं वर्षगांठ के साथ मेल खाता है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। पीएम जॉर्डन में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मिलेंगे।
दूसरा चरण: इथियोपिया (16-17 दिसंबर)
दौरे के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 16 से 17 दिसंबर तक अपनी पहली इथियोपिया यात्रा करेंगे। वह इथियोपिया के प्रधानमंत्री एबी अहमद अली के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय भी है। मोदी ने इस यात्रा के बारे में कहा, “2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था।” वह इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे और ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में भारत की यात्रा और ग्लोबल साउथ के लिए भारत-इथियोपिया साझेदारी के मूल्य पर अपने विचार साझा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा ग्लोबल साउथ के भागीदार के रूप में दोस्ती और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने की दोनों देशों की संयुक्त प्रतिबद्धता को दोहराएगी।
अंतिम चरण: ओमान (17-18 दिसंबर)
दौरे के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर 17 से 18 दिसंबर तक ओमान का दौरा करेंगे। यह उनकी दूसरी ओमान यात्रा होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ओमान के सुल्तान के साथ बातचीत करने और रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ मजबूत वाणिज्यिक एवं आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। वह ओमान में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को भी संबोधित करेंगे। यह दौरा भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने के साथ मेल खाएगा। यह यात्रा सुल्तान के दिसंबर 2023 में भारत दौरे के बाद हो रही है और इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक समीक्षा की जाएगी।