शराब, शबाब और भ्रष्टाचार! 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की शर्मनाक हार के पीछे की काली सच्चाई

शराब, शबाब और भ्रष्टाचार! 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की शर्मनाक हार के पीछे की काली सच्चाई

16 दिसंबर 1971 को भारत के सामने पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों का आत्मसमर्पण सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी घटना थी। इस हार की जांच के लिए गठित हमुदुर रहमान आयोग की रिपोर्ट ने पाक सेना के नैतिक पतन का पर्दाफाश किया। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च अधिकारियों की शराब और महिलाओं के प्रति लत हार का मुख्य कारण बनी।

तत्कालीन सैन्य तानाशाह याह्या खान युद्ध के दौरान भी नशे में धुत रहते थे, जबकि पूर्वी कमांडर नियाजी के भ्रष्टाचार और अनैतिक आचरण ने सेना का अनुशासन खत्म कर दिया था। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की विलासिता ने अंततः पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

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