संजय कपूर संपत्ति विवाद: विदेशी संपत्तियों पर दावा छोड़ने को मजबूर हुए वादी, केस कमजोर हुआ

संजय कपूर संपत्ति विवाद: विदेशी संपत्तियों पर दावा छोड़ने को मजबूर हुए वादी, केस कमजोर हुआ

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की निजी संपत्ति पर चल रहे हाई-स्टेक मुकदमे में आज दिल्ली हाईकोर्ट में एक नाटकीय मोड़ आया। सीनियर एडवोकेट अखिल सिब्बल द्वारा उठाए गए निर्णायक क्षेत्राधिकार आपत्ति के कारण वादी पक्ष (समेरा और किआन कपूर) को अपने मामले का दायरा सीमित करना पड़ा। सिब्बल ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा १६ का हवाला देते हुए तर्क दिया कि भारतीय अदालतें विदेशी अचल संपत्ति पर कोई आदेश या विभाजन नहीं कर सकती हैं। कानूनी बाधा का सामना करते हुए, वादी के वकील महेश जेठमलानी ने “आंशिक रूप से सहमत” होकर अपने पूर्व रुख से बड़ी रियायत दी।

इस रियायत ने वादी के केस को कमजोर कर दिया, जो पहले विदेशी और घरेलू दोनों तरह की संपत्तियों पर व्यापक यथास्थिति आदेश की मांग कर रहे थे। डिफेंडेंट पक्ष ने वादी के मामले को फिर से तैयार करने के प्रयास का कड़ा विरोध किया। अदालत ने अब सभी पक्षों को २२ दिसंबर तक लिखित प्रस्तुतियाँ दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद आदेश सुरक्षित रख लिया जाएगा। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि वादी का दावा अब भारतीय कानून के दायरे तक ही सीमित हो सकता है।

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