जन्म के बाद नवजात का रोना ही है उसकी सेहत की पहली पहचान
December 17, 2025

पैदा होते ही बच्चे का रोना मेडिकल साइंस में एक सकारात्मक संकेत माना जाता है। गर्भ में शिशु के फेफड़े निष्क्रिय होते हैं, लेकिन जन्म के बाद पहली बार रोने से ही फेफड़े फैलते हैं और उनमें भरा तरल बाहर निकलता है। यही प्रक्रिया बच्चे को स्वतंत्र रूप से सांस लेने में सक्षम बनाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हंसी एक सामाजिक प्रतिक्रिया है जो समय के साथ विकसित होती है। जन्म के समय शिशु केवल अपनी बुनियादी जरूरतों और असहजता को रोकर व्यक्त करता है। यह पहली आवाज इस बात का प्रमाण है कि बच्चे का दिल और दिमाग पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।