‘RSS को बीजेपी के नजरिए से न देखें’, कोलकाता में मोहन भागवत का बड़ा बयान!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में संघ की 100वीं व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित करते हुए संगठन की भूमिका पर बड़ी बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सघ को केवल भाजपा के नजरिए से देखना एक भ्रम है। भागवत ने कहा कि आरएसएस कोई साधारण सेवा संगठन या राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं है, बल्कि यह हिंदू समाज के संगठन और सुरक्षा के लिए समर्पित है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “आरएसएस का उद्देश्य एक वाक्य में है— भारत माता की जय। भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक अद्वितीय परंपरा है।” ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बाद सशस्त्र संघर्ष भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन राजा राममोहन राय द्वारा शुरू किया गया समाज सुधार का सिलसिला निरंतर जारी है।
संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए भागवत ने बताया कि कैसे उन्होंने गरीबी और व्यक्तिगत सुखों का त्याग कर राष्ट्र सेवा को चुना। असहयोग आंदोलन में उनकी भूमिका और देशद्रोह के मुकदमों का जिक्र करते हुए उन्होंने समाज को मजबूत बनाने का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भागवत का यह दौरा और उनका ‘अराजनीतिक’ रुख बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।