आसमान में गूंजेगा ‘स्वदेशी’ दम! 2026 से पुराने जगुआर लड़ाकू विमानों की जगह लेगा तेजस।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की कड़ी मेहनत रंग लाने वाली है। भारतीय वायुसेना ने अपनी युद्धक क्षमता को बढ़ाने के लिए पुराने हो चुके जगुआर विमानों को हटाकर उनकी जगह स्वदेशी तेजस मार्क-1ए (Tejas Mk1A) को शामिल करने की योजना बनाई है। यह प्रक्रिया 2026 के अंत से शुरू होगी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वायुसेना को वर्तमान में 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है लेकिन वह केवल 30 के साथ काम कर रही है। इस गैप को भरने के लिए राफेल और सुखोई के साथ-साथ स्वदेशी तेजस को सबसे महत्वपूर्ण हथियार माना जा रहा है। तेजस Mk1A आधुनिक रडार तकनीक (AESA Radar) और बेहतर मिसाइल सिस्टम से लैस है, जो इसे पुराने जगुआर की तुलना में आधुनिक युद्धक्षेत्र में अधिक प्रभावी बनाता है। 2028-29 तक जगुआर के पुराने स्क्वाड्रन पूरी तरह से तेजस द्वारा प्रतिस्थापित कर दिए जाएंगे।

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