2026 में ‘किंगमेकर’ बनने का लक्ष्य, 90 सीटों पर जीत का दावा कर हुमायूं ने बढ़ाई ममता की टेंशन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ की घोषणा कर दी है। मुर्शिदाबाद के मिर्जापुर से पार्टी का बिगुल फूंकते हुए कबीर ने साफ कर दिया कि वह अब किसी के पिछलग्गू नहीं, बल्कि सरकार बनाने में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएंगे।
हुमायूं कबीर ने अपनी भावी रणनीति साझा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्य की 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उनका लक्ष्य कम से कम 90 सीटें जीतने का है। बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति के शिलान्यास को उन्होंने अपनी राजनीति का मुख्य आधार बनाया है। कबीर का तर्क है कि टीएमसी या बीजेपी में से कोई भी मस्जिद निर्माण की अनुमति नहीं देगा, इसलिए अल्पसंख्यकों को अपनी सत्ता खुद बनानी होगी।
उन्होंने कांग्रेस के अधीर चौधरी, वामपंथियों और आईएसएफ को गठबंधन का न्योता दिया है। हुमायूं के फॉर्मूले के अनुसार, मुर्शिदाबाद की 22 सीटों में से उनकी पार्टी 9 पर चुनाव लड़ेगी और बाकी सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ी जाएंगी। राज्य में मिम (AIMIM) की बढ़ती सक्रियता और हुमायूं की नई पार्टी ने बंगाल के मुस्लिम वोटबैंक में बड़ी सेंधमारी की संभावना पैदा कर दी है, जो आगामी चुनावों में सत्ता का समीकरण बदल सकता है।