अब बिना रूसी मदद के बदलेंगे कोड! ‘सुपर सुखोई’ मिशन में भारत को मिली बड़ी कामयाबी

भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान सुखोई-30 को अब तक का सबसे बड़ा अपग्रेड मिलने जा रहा है। हालांकि 84 विमानों के अपग्रेड के प्रस्ताव को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) से मंजूरी मिलनी बाकी है, लेकिन वायुसेना ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस मिशन की कमान सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (SDI) के हाथों में है, जो विमान के लिए नया और एडवांस सॉफ्टवेयर सूट तैयार कर रहा है।
इस ‘सुपर-30’ अपग्रेड में रूसी तकनीक की जगह भारत का अपना अत्याधुनिक ‘एसा’ (AESA) रडार और एवियोनिक्स सिस्टम लगाया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि सुखोई अब पूरी तरह से स्वदेशी ‘अस्त्र’ (Astra MkII) मिसाइलों को दागने में सक्षम होगा। स्वदेशी सॉफ्टवेयर होने के कारण भारत को किसी भी बदलाव के लिए अब रूस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह अपग्रेड न केवल सुखोई की मारक क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि अगले 20-30 सालों तक इसे आसमान का सबसे खतरनाक शिकारी बनाए रखेगा।