गंगा जल समझौते के अंतिम चरण के बीच भारत और बांग्लादेश ने शुरू किया संयुक्त जल सर्वेक्षण

भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक 30 वर्षीय गंगा जल बंटवारा समझौता दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर साल के पहले दिन से ही गंगा और पद्मा नदियों में दोनों देशों द्वारा संयुक्त जल स्तर माप का कार्य शुरू कर दिया गया है। समझौते की शर्तों के तहत भारत के फरक्का और बांग्लादेश के हार्डिंग ब्रिज के ऊपरी हिस्से में 31 मई तक यह सर्वेक्षण जारी रहेगा। इसके लिए भारत और बांग्लादेश के प्रतिनिधि एक-दूसरे के देशों में पहुंच चुके हैं।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। हर 10 दिनों में जल स्तर का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। हालांकि तीस्ता नदी विवाद अभी सुलझा नहीं है, लेकिन 2026 में समझौते की अवधि समाप्त होने से पहले इसके नवीनीकरण पर प्रारंभिक चर्चा शुरू हो गई है। दक्षिण एशियाई भू-राजनीति के लिहाज से गंगा जल समझौते का यह भविष्य और वर्तमान संयुक्त सर्वेक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।