मोदी सरकार के प्रगति मॉडल से बदली विकास की रफ्तार ८५ लाख करोड़ की परियोजनाओं को मिली नई गति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च २०१५ में शुरू किए गए ‘प्रगति’ (PRAGATI) प्लेटफॉर्म ने सरकारी कामकाज में समन्वय और गति का नया उदाहरण पेश किया है। अब तक हुई ५० बैठकों के माध्यम से ८५ लाख करोड़ रुपये से अधिक की ३,৩०० परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन के अनुसार, इस मंच ने न केवल ७,१५६ जन शिकायतों का निपटारा किया है, बल्कि ३८२ अत्यंत जटिल और गंभीर परियोजनाओं की समस्याओं को प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप से सुलझाया है।
परियोजनाओं में लागत और समय की बचत सुनिश्चित करना इस मॉडल की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के कारण अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं में सुधार आया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्य भी इस अराजनीतिक मंच का लाभ उठा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव की कोई योजना नहीं है, बल्कि सभी हितधारकों के सुझावों और सहयोग से विकास कार्यों को तेजी से लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।