वंदे भारत और हाई-टेक सुरक्षा! असम की पटरियों पर दौड़ रही है विकास की रफ्तार, देखिए नया बदलाव

असम अब केवल पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार नहीं रहा, बल्कि भारतीय रेलवे के मानचित्र पर विकास का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। पिछले ११ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ने असम की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।
बजट में ५ गुना की ऐतिहासिक वृद्धि: २००९-१४ की तुलना में असम और पूर्वोत्तर का रेल बजट अब ५ गुना बढ़कर १०,४४० करोड़ रुपये हो गया है। वर्तमान में इस क्षेत्र में ७७,३३० करोड़ रुपये की लागत वाली रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। २०१४ के बाद से १८४० किमी से अधिक नई लाइनें बिछाई गई हैं। बोगीबील ब्रिज और रंगिया-मुरकोंगसेलेक जैसे प्रोजेक्ट्स ने दशकों की दूरी को खत्म कर दिया है।
अमृत भारत और आधुनिक सेवाएँ: असम के ५० स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत विश्व स्तरीय बनाया जा रहा है। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ने इस क्षेत्र में यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। रेलवे स्टेशनों पर अब हाई-स्पीड वाई-फाई, लिफ्ट, एस्केलेटर और एआई-आधारित १००० से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। हाथियों को बचाने के लिए एआई-आधारित ‘इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम’ और अंडरवाटर रोबोटिक तकनीक का उपयोग रेलवे की आधुनिक सोच का प्रमाण है।