लाल या पीला क्यों नहीं? जानिए सड़कों पर दिशा बताने वाले बोर्ड के लिए क्यों चुना गया सिर्फ हरा रंग

चाहे नेशनल हाईवे हो या स्टेट हाईवे, सफर के दौरान हम अक्सर सड़क के ऊपर लगे बड़े-बड़े हरे रंग के साइन बोर्ड देखते हैं। इन पर सफेद अक्षरों में शहरों के नाम और उनकी दूरी लिखी होती है। क्या आपने कभी सोचा है कि इसके लिए हमेशा हरे रंग का ही चुनाव क्यों किया जाता है?
आंखों को मिलता है सुकून: हाइवे पर गाड़ी चलाते समय ड्राइवरों को अपनी नजरें सड़क पर गड़ाए रखनी पड़ती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से हरा रंग आंखों को शांति और आराम देता है। यह आंखों पर तनाव नहीं डालता, जिससे लंबी यात्रा के दौरान ड्राइवर को थकान महसूस नहीं होती। हरे रंग पर सफेद लिखावट एक बेहतरीन कंट्रास्ट पैदा करती है, जिसे दिन की रोशनी और रात के अंधेरे, दोनों में दूर से आसानी से पढ़ा जा सकता है।
नियम और अंतरराष्ट्रीय मानक: भारत में ‘इंडियन रोड्स कांग्रेस’ (IRC) के नियमों के मुताबिक, राजमार्गों पर साइन बोर्ड के लिए हरे और सफेद रंग का उपयोग अनिवार्य है। यह एक वैश्विक मानक भी है। अधिकांश देशों में इसी रंग का पालन किया जाता है ताकि ड्राइवरों में कोई भ्रम न हो। हालांकि, शहरों के भीतर अक्सर नीले रंग के बोर्ड का उपयोग किया जाता है, जो शहरी सड़क और एक्सप्रेसवे के बीच के अंतर को दर्शाता है।