खजूर का रस और चमगादड़ से दूरी जरूरी! बंगाल में निपाह की दस्तक से हड़कंप, क्या है डॉक्टरों की राय?

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर निपाह वायरस (Nipah Virus) का खौफ लौट आया है। उत्तर २४ परगना के बारासात में दो नर्सें इस वायरस की चपेट में आकर वेंटिलेटर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है क्योंकि इस वायरस की मृत्यु दर कोरोना की तुलना में कहीं अधिक है।
निपाह और कोरोना में अंतर: डॉक्टरों का कहना है कि जहां कोरोना तेजी से फैलता है, वहीं निपाह के फैलने की गति धीमी है। लेकिन खतरनाक बात यह है कि निपाह से संक्रमित होने वाले १० में से ७ लोगों की मौत की आशंका रहती है। इसकी मृत्यु दर ४०-७५% के बीच है, जो इसे बेहद डरावना बनाती है।
कैसे फैलता है और क्या हैं लक्षण? चमगादड़ इस वायरस के प्राकृतिक वाहक हैं। उनके द्वारा खाए गए फल या कच्चे खजूर का रस पीने से यह इंसानों में फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ और बेहोशी शामिल है। बचाव के लिए फलों को धोकर खाएं और कच्चे खजूर के रस से परहेज करें।