ऑक्सीजन की कमी से और भी घातक बन रहा है कैंसर! एम्स भोपाल की नई रिसर्च ने दुनिया को चौंकाया

एम्स भोपाल में आयोजित चौथे अनुसंधान दिवस पर कैंसर के इलाज को लेकर एक बड़ी वैज्ञानिक सफलता साझा की गई है। शोधकर्ताओं ने ‘हाइपोक्सिया’ यानी ट्यूमर के भीतर ऑक्सीजन की कमी को कैंसर के फैलने का सबसे बड़ा कारण बताया है। डॉ. सुखेश मुखर्जी और प्रोफेसर जगत प्रकाश कंवर द्वारा संपादित पुस्तक में यह स्पष्ट किया गया है कि कैसे ऑक्सीजन की कमी कैंसर को अधिक आक्रामक और लाइलाज बना देती है।
हाइपोक्सिया का खतरनाक प्रभाव: रिसर्च के अनुसार, जब कैंसर कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो वे जीवित रहने के लिए अपनी संरचना बदल लेती हैं। इससे वे कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के प्रति प्रतिरोधी (Resistant) हो जाती हैं। यही कारण है कि उन्नत उपचार के बावजूद कई बार कैंसर दोबारा लौट आता है। यह शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा कोशिकाओं जैसे टी-सेल्स को भी कमजोर कर देता है।
इलाज की नई उम्मीद: यह शोध विशेष रूप से स्तन, फेफड़े और अग्न्याशय के कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने कहा कि हाइपोक्सिया को टारगेट करने वाली नई चिकित्सा तकनीकें भविष्य में कैंसर के मरीजों के लिए जीवनदान साबित होंगी।