छात्रों के लिए बजट का ‘महा-धमाका’! हर जिले में महिला हॉस्टल और 5 नई यूनिवर्सिटी का तोहफा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लगातार 9वें बजट में ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा और कौशल विकास को अपना मुख्य हथियार बनाया है। बजट 2026 की घोषणाओं से यह साफ हो गया है कि सरकार अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें वैश्विक बाजार के लिए ‘इंडस्ट्री रेडी’ बनाना चाहती है।
इस बार के बजट में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए 5 नए विश्वविद्यालय, 3 फार्मा संस्थान और 3 नए आयुर्वेद कॉलेज खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने देश के हर जिले में महिला छात्रावास (Hostels) बनाने का बड़ा ऐलान किया है। इसके अलावा, टियर-2 और टियर-3 शहरों के कॉलेजों के लिए ‘कॉर्पोरेट मित्र योजना’ शुरू की जाएगी, जिससे छोटे शहरों के छात्र सीधे बड़े उद्योगों में ट्रेनिंग और इंटर्नशिप कर सकेंगे।
तकनीक के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ की शुरुआत होगी। साथ ही, आईआईटी मुंबई के सहयोग से 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब बनाई जाएंगी, जिससे गेमिंग और एनिमेशन जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने वाले युवाओं को नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी अगले 5 वर्षों में 1 लाख पैरामेडिकल प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का यह विजन शिक्षा के जरिए सीधे रोजगार पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।