हफ्ते में सात अलग पार्टनर जेन जी के बीच बढ़ते रोस्टर डेटिंग के इस ट्रेंड को क्या आप जानते हैं

आज की जेन जी पीढ़ी के बीच ‘रोस्टर डेटिंग’ का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें किसी एक व्यक्ति के साथ गंभीर रिश्ते में बंधने के बजाय सप्ताह के अलग-अलग दिन अलग-अलग लोगों के साथ समय बिताया जाता है। भारत में बढ़ते इस ट्रेंड के पीछे मुख्य उद्देश्य ‘ट्रायल एंड एरर’ पद्धति से सही जीवनसाथी का चुनाव करना है। युवा अब किसी भी रिश्ते में जल्दबाजी करने के बजाय अपनी पसंद और सुविधा को अधिक महत्व दे रहे हैं।
समाज में बढ़ती आत्मनिर्भरता और करियर के प्रति जागरूकता ने इस सोच को बदला है। जानकारों का मानना है कि इससे गलत पार्टनर चुनने की संभावना कम हो जाती है क्योंकि व्यक्ति को कई विकल्पों को परखने का मौका मिलता है। भरोसे की कमी और अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने की इच्छा ने इस आधुनिक डेटिंग संस्कृति को जन्म दिया है। यह तरीका शादी से पहले सही इंसान को पहचानने का एक नया माध्यम बनता जा रहा है।