सावधान! क्या आपकी हर बात सुन रहा है आपका फोन? सामने आया चौंकाने वाला सच!

आज के डिजिटल युग में डेटा की गोपनीयता एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कई प्रमुख तकनीकी कंपनियां कथित तौर पर उपयोगकर्ताओं की सहमति के बिना उनका व्यक्तिगत डेटा एकत्र कर रही हैं। यह न केवल निजता का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा खतरा पैदा करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन में मौजूद कई ऐप्स हमारी बातचीत और लोकेशन को ट्रैक करते हैं ताकि वे हमें लक्षित विज्ञापन दिखा सकें। हालांकि, यह डेटा गलत हाथों में जाने पर वित्तीय धोखाधड़ी का कारण भी बन सकता है। डेलीहंट के पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मोबाइल सेटिंग्स में जाकर ‘ऐप परमिशन’ की तुरंत जांच करें। माइक्रोफोन और गैलरी का एक्सेस केवल विश्वसनीय ऐप्स को ही दें।

सरकार इस दिशा में कड़े कदम उठा रही है। जल्द ही एक नया डिजिटल सुरक्षा बिल पेश किया जा सकता है, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। तब तक, साइबर सुरक्षा के प्रति आपकी जागरूकता ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपने ओटीपी को कभी साझा न करें।

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