साल् किया की ‘बड़ी मां’ का चमत्कार! मात्र 2 दिन की कमाई से सालभर का खर्च, झूम उठे व्यापारी

हावड़ा के साल् किया इलाके में इन दिनों उत्सव का माहौल है। मौका है ‘बड़ी मां’ यानी शीतला माता की पारंपरिक स्नान यात्रा और वार्षिक पूजा का। इस धार्मिक अनुष्ठान ने न केवल भक्तों को आकर्षित किया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा बूस्ट दिया है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इन दो दिनों में होने वाली बिक्री उनके पूरे साल की आर्थिक स्थिति को सुधार देती है।
बाजार में रौनक, व्यापारियों के चेहरे खिले: स्नान यात्रा के दिन से ही साल् किया की सड़कों पर तिल धरने की जगह नहीं है। फूल, मिठाई, पूजा सामग्री और खान-पान की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। व्यापारी चंद्रनाथ पांती ने बताया कि वे कई दिनों से इस उत्सव की तैयारी करते हैं। बड़ी मां की कृपा से छोटे और बड़े, सभी दुकानदारों का व्यापार जबरदस्त चल रहा है। भक्तों द्वारा मिट्टी के घोड़े चढ़ाने की परंपरा और मेले के माहौल ने खरीदारी को और भी बढ़ा दिया है।
आर्थिक मजबूती का आधार: स्थानीय लोगों के अनुसार, शीतला माता की यह पूजा क्षेत्र के विकास और खुशहाली का प्रतीक है। दो दिनों की इस कड़ी मेहनत और भारी बिक्री के बाद व्यापारियों के चेहरे पर जो थकान है, उससे कहीं बड़ी उनकी मुस्कान है। साल् किया का यह ‘बिजनेस मॉडल’ भक्ति और शक्ति का एक सुंदर उदाहरण पेश कर रहा है।