“शादी के बाद सरनेम बदला तो काट दिया नाम!” ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को बताया ‘महिला विरोधी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक के बाद बाहर निकलीं ममता ने आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची संशोधन के नाम पर बंगाल के लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
महिलाओं पर हमले का आरोप: ममता बनर्जी ने तीखे शब्दों में कहा, “शादी के बाद लड़कियों का सरनेम बदल जाता है, लेकिन चुनाव आयोग ने इसी आधार पर उनका नाम लिस्ट से हटा दिया। यह सरासर महिला विरोधी मानसिकता है।” उन्होंने आयोग की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि चुनाव से ठीक पहले 2 करोड़ नामों के साथ ‘मिसमैच’ का खेल क्यों खेला जा रहा है?
सीधी चुनौती: दस्तावेजों की मांग पर भड़कीं ममता ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, “मुझसे जन्म प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, क्या पीएम के पास अपने सारे कागजात हैं? वह अपने माता-पिता के दस्तावेज दिखा पाएंगे?” ममता अपने साथ उन लोगों को भी लाई थीं जिन्हें आयोग ने कागजों पर ‘मृत’ घोषित कर दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह धांधली नहीं रुकी, तो वह 1 लाख समर्थकों के साथ दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगी।