दिल्ली से वाराणसी अब सिर्फ 3.5 घंटे में! बुलेट ट्रेन का काउंटडाउन शुरू, रेलवे ने दी बड़ी खुशखबरी

भारतीय रेलवे के यात्रियों के लिए एक ऐतिहासिक खबर आई है। दिल्ली से बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी का सफर अब किसी हवाई यात्रा से कम नहीं होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम अब प्राथमिकता पर है और अगले पांच वर्षों में यह हकीकत बन जाएगा। इस हाई-स्पीड ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली और वाराणसी के बीच की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में सिमट जाएगी।
वंदे भारत से भी तेज सफर वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी के लिए सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस है, जो लगभग 8 घंटे का समय लेती है। लेकिन बुलेट ट्रेन इस सफर को आधे से भी कम समय में पूरा करेगी। रेल मंत्री ने एनसीआर मुख्यालय के साथ वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम तेजी से चल रहा है और इस रूट को जल्द से जल्द क्रियान्वित किया जाएगा।
यूपी के धार्मिक और औद्योगिक केंद्रों का संगम यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ेगा। बुलेट ट्रेन के मुख्य स्टेशनों में मथुरा, आगरा, लखनऊ, अयोध्या और प्रयागराज शामिल होंगे। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद यह रूट वैश्विक पर्यटन का केंद्र बनेगा। प्रयागराज को इस परियोजना से सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि यह न केवल धार्मिक बल्कि एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरेगा।
आर्थिक क्रांति और रोजगार के अवसर सरकार का मानना है कि बुलेट ट्रेन केवल समय की बचत नहीं है, बल्कि यह यूपी की जीडीपी में बड़ा योगदान देगी। दिल्ली से कनेक्टिविटी आसान होने के कारण आईटी कंपनियां और पेशेवर अब वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों का रुख करेंगे। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में स्थानीय किसानों को उचित मुआवजा और रोजगार देने का आश्वासन भी सर्वे में शामिल किया गया है।
अगले 5 साल का लक्ष्य रेल मंत्रालय ने दिल्ली-वाराणसी के साथ-साथ वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भी प्राथमिकता सूची में रखा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 5 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह कॉरिडोर उत्तर भारत में विकास के नए द्वार खोलेगा और बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाएगा।