चाँद का रहस्य! रूस के आसमान में हुआ चमत्कार या कोई बड़ा भ्रम? नासा ने किया असली वजह का खुलासा

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में १ फरवरी की रात कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर लोग अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। आसमान में एक साथ ४ चांद दिखाई दिए। इस रहस्यमयी नजारे को देखकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग सोच रहे थे कि क्या वे किसी काल्पनिक दुनिया में आ गए हैं या यह कोई आसमानी कहर है।
क्या है ४ चांद की सच्चाई? वैज्ञानिकों ने इस भ्रम को दूर करते हुए बताया कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक दुर्लभ खगोलीय घटना है। इसे विज्ञान की भाषा में ‘पैरासेलीन’ (Paraselene) या ‘मून डॉग’ (Moon Dog) कहा जाता है। यह एक ‘ऑप्टिकल इल्यूजन’ है जो विशेष वायुमंडलीय परिस्थितियों में ही संभव होता है।
कैसे बनती है यह आकृति? मौसम विज्ञानियों के अनुसार, जब आसमान में सायरस (Cirrus) बादल मौजूद होते हैं, जिनमें बर्फ के छोटे-छोटे क्रिस्टल होते हैं, तो वे एक प्रिज्म की तरह काम करते हैं। जब चाँद की रोशनी इन बर्फ के क्रिस्टल से टकराकर अपवर्तित (Refract) होती है, तो असली चाँद के बगल में कई आभासी या ‘नकली चाँद’ दिखाई देने लगते हैं।
नासा (NASA) का क्या कहना है? अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, ये नकली चाँद असली चाँद से २२ डिग्री या उससे अधिक के कोण पर दिखाई देते हैं। जब चाँद क्षितिज (Horizon) के पास होता है, तो ये और भी स्पष्ट नजर आते हैं। बर्फ के क्रिस्टल जितने बड़े होंगे, ये नकली चाँद उतने ही लंबे और चमकीले दिखाई देंगे। सेंट पीटर्सबर्ग की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रकृति के पास हमें हैरान करने के लिए कितने अनगिनत रहस्य हैं।