भारत-अमेरिका डील ने रचा इतिहास! मार्केट खुलते ही निवेशकों की झोली में आए 20 लाख करोड़

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को एक “ऐतिहासिक सुपर ट्यूजडे” देखा, जो भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा का परिणाम था। इस महत्वपूर्ण सौदे ने बाजार में खरीदारी की ऐसी लहर पैदा की कि कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही निवेशकों की संपत्ति में 20 लाख करोड़ रुपये का भारी इजाफा हुआ। बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 455 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 474 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

निफ्टी 50 ने भी आज एक नया इतिहास रच दिया। इंडेक्स में 1,200 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जो इसके अस्तित्व में एक दिन की सबसे बड़ी छलांग है। इस व्यापार समझौते का सबसे अधिक प्रभाव निर्यात उन्मुख क्षेत्रों (Export-oriented sectors) में देखा गया। भारत फोर्ज, अशोक लेलैंड और फेडरल बैंक जैसे ब्लू-चिप शेयरों ने अपने 52-सप्ताह के नए उच्च स्तर को छुआ, जो मजबूत संस्थागत विश्वास को दर्शाता है।

विशेष रूप से कपड़ा (Textile) और रसायन (Chemical) उद्योगों के शेयर शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे, क्योंकि अमेरिका इन उत्पादों के लिए एक प्राथमिक बाजार बना हुआ है। गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल्स और अरविंद जैसे शेयरों में 20% तक का उछाल आया। यह तेजी मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी देखी गई, जहां वेलस्पन लिविंग, आरती इंडस्ट्रीज और ट्राइडेंट जैसे शेयरों में 10% से 20% की बढ़त दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के साथ यह रणनीतिक साझेदारी भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी, जिससे बाजार में लंबे समय तक तेजी बनी रह सकती है।

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