बिना सर्च वारंट के छापेमारी? ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में ED की कार्रवाई को बताया अवैध

आई-पैक कार्यालय में तलाशी के दौरान दस्तावेज छीनने के प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोपों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि उन्होंने जांच में कोई बाधा नहीं डाली और न ही ED का कोई दस्तावेज लिया। उन्होंने केवल तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक दस्तावेजों को सुरक्षित किया है।
हलफनामे के मुख्य अंश: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ED का असली मकसद कोयला घोटाले की जांच करना नहीं, बल्कि TMC की गोपनीय राजनीतिक रणनीतियों को चुराना था। हलफनामे में यह भी कहा गया कि ED ने बिना उचित प्रक्रिया और सर्च वारंट के छापेमारी की थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह आगामी चुनावों से पहले विपक्षी दलों को परेशान करने का एक पैटर्न बन गया है।
ED का पक्ष: दूसरी ओर, ED का दावा है कि कोयला घोटाले का पैसा हवाला के जरिए आई-पैक के सह-संस्थापक प्रतीक जैन तक पहुंचा है। एजेंसी के अनुसार, करीब १० करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन में आई-पैक की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट इस हाई-प्रोफाइल कानूनी जंग की अगली सुनवाई १० फरवरी को करेगा।