“योगी जी थैंक्यू”… कोक्लियर इम्प्लांट के बाद गूंजी खुशी की आवाज, मुख्यमंत्री ने बदल दी मासूम की तकदीर!

कानपुर की रहने वाली मूकबधिर बच्ची खुशी गुप्ता की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। जन्म से खामोश खुशी की जिंदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप ने ऐसी रोशनी बिखेरी है कि अब वह न सिर्फ सुन सकती है, बल्कि बोल भी पा रही है। कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद खुशी के मुंह से निकला पहला शब्द था— “योगी जी थैंक्यू”, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया।
खुशी के हौसले की कहानी तब शुरू हुई जब वह मुख्यमंत्री से मिलने की जिद लेकर अपने हाथ में उनकी बनाई एक तस्वीर थामे, कानपुर से लखनऊ के लिए ९० किलोमीटर पैदल निकल पड़ी। काफी संघर्ष के बाद जब वह हजरतगंज चौराहे पर थककर रो रही थी, तब पुलिस की मदद से उसकी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची। सीएम योगी ने तुरंत संज्ञान लिया और बच्ची से मुलाकात कर उसके इलाज का पूरा खर्च उठाने का निर्देश दिया।
आयुष्मान भारत योजना और मेहरोत्रा ईएनटी फाउंडेशन के सहयोग से डॉक्टर रोहित मेहरोत्रा ने खुशी का सफल ऑपरेशन किया। डॉक्टर के अनुसार, खुशी अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ उसके इलाज, बल्कि उसकी शिक्षा और परिवार के लिए आवास की भी व्यवस्था करने का आदेश दिया है। अब खुशी का सपना है कि वह बड़ी होकर उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो। यह कहानी साबित करती है कि अगर इच्छाशक्ति और सही नेतृत्व हो, तो किसी भी बच्चे की खामोशी को मुस्कान में बदला जा सकता है।