दिल्ली में गरजीं ममता: अमर्त्य सेन और जय गोस्वामी को नोटिस पर केंद्र को घेरा, लगाया प्रताड़ना का आरोप!

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित न्यू बंग भवन में एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उनके साथ अभिषेक बनर्जी और ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया से प्रभावित कई आम नागरिक भी मौजूद थे। ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर केंद्रीय आयोग पर बंगाल की प्रतिष्ठित हस्तियों को अपमानित करने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन और कवि जय गोस्वामी जैसी महान हस्तियों को सुनवाई के नोटिस भेजे गए हैं। ममता ने तंज कसते हुए कहा, “अमर्त्य सेन को नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उनके माता-पिता की उम्र में अंतर था। यह हास्यास्पद और अपमानजनक है।” उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि बुद्धिजीवियों को डराने-धमकाने का यह नया तरीका अपनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) के दुरुपयोग का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि एआई का इस्तेमाल कर सर्वे से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और डेटा में हेरफेर किया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “जैसे ही कोई बांग्ला बोलता है, उसे ‘बांग्लादेशी’ करार दे दिया जाता है। जाति, धर्म और भाषा के आधार पर यह भेदभाव अब बर्दाश्त नहीं होगा।”
दिल्ली के पत्रकारों को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है, इसलिए उन्हें जनता के बीच आना पड़ा। उन्होंने अपने पीछे बैठे पीड़ितों की ओर इशारा करते हुए कहा, “ये लोग गवाह हैं कि कैसे बंगाल के आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। दिल्ली को सच देखना चाहिए कि बंगाल में क्या हो रहा है।”