असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात और सलीम को बड़ा ऑफर: क्या बंगाल में बदल जाएगी सत्ता की समीकरण? हुमायूं का मास्टरस्ट्रोक

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुमायूं कबीर के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। ‘जनता विकास पार्टी’ (JUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने हाल ही में माकपा (CPM) राज्य सचिव मोहम्मद सलीम से मुलाकात की, जिसके बाद बंगाल में नए गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। हुमायूं का दावा है कि वह CPM और ISF के साथ मिलकर बंगाल की राजनीति से ‘शून्य’ का दाग मिटा देंगे और इन पार्टियों को सत्ता तक पहुंचाएंगे। इतना ही नहीं, उनके चुनाव प्रचार का तरीका भी बेहद हाई-टेक होने जा रहा है।

हेलीकॉप्टर से धुआंधार प्रचार: हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में लगातार दो महीने हेलीकॉप्टर से प्रचार करेंगे। इसके लिए बेलडांगा में एक स्थाई हेलीपैड भी तैयार किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि इस भारी-भरकम खर्चे के लिए पैसे कौन दे रहा है, तो उन्होंने रहस्यमयी अंदाज में कहा, “आप चाहे जितना कुरेदें, मैं अभी इसका खुलासा नहीं करूंगा।” उनके इस हेलीकॉप्टर प्रेम ने 2011 के चुनाव की यादें ताजा कर दी हैं।

मोहम्मद सलीम को खुली चुनौती: हुमायूं ने बताया कि उन्होंने मोहम्मद सलीम को मुर्शिदाबाद की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें आश्वस्त किया है कि अगर वह लड़ते हैं, तो मैं अपनी सुरक्षित सीट रानीनगर भी उनके लिए छोड़ने को तैयार हूं।” हुमायूं का मानना है कि माकपा को फिर से खड़ा करने के लिए पुराने गठबंधन की विफलता से सबक लेना होगा। साथ ही उन्होंने नौशाद सिद्दीकी की ISF को गठबंधन में लाने की जिम्मेदारी भी सलीम पर छोड़ी है।

ओवैसी से हाथ मिलाने की तैयारी: हुमायूं कबीर जल्द ही हैदराबाद जाकर असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात करने वाले हैं। उनका लक्ष्य 100 से ज्यादा सीटें जीतकर बंगाल की सत्ता पर कब्जा करना है। सुजन चक्रवर्ती जैसे नेताओं के कड़े रुख पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अगर वामपंथियों को ऊपर उठना है, तो उन्हें हाथ मिलाना ही होगा। अब देखना यह है कि हुमायूं का यह ‘हेलीकॉप्टर विजन’ उन्हें कितनी सफलता दिलाता है।

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