सर्दियों में क्यों लाल हो रही हैं आपकी आंखें? ‘ड्राई आईज’ के खतरे से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जहां एक ओर लोग धूप का आनंद लेते हैं, वहीं दूसरी ओर आंखों की बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि हवा में नमी की कमी, सर्द हवाएं, धूल और बढ़ता प्रदूषण सीधे तौर पर आंखों की कोमलता को प्रभावित कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, ड्राई आईज, कंजंक्टिवाइटिस, आंखों में जलन, लालपन और एलर्जी जैसी शिकायतें अब घर-घर की कहानी बन गई हैं।

ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. बीपी त्यागी के अनुसार, सर्दियों में हवा बहुत ठंडी और शुष्क हो जाती है, जो आंखों की प्राकृतिक नमी को सोख लेती है। इसे मेडिकल भाषा में ‘जेरोसिस’ कहा जाता है। यदि समय पर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह आंखों की गंभीर समस्या बन सकती है। इसके साथ ही मोबाइल फोन, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल इस स्थिति को और भी खराब बना रहा है।

कैसे करें आंखों की देखभाल? विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में आंखों की विशेष देखभाल अनिवार्य है। बाहर निकलते समय चश्मा पहनना चाहिए ताकि ठंडी हवा और धूल सीधे आंखों के संपर्क में न आए। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का प्रयोग जरूर करना चाहिए। घर लौटने के बाद साफ पानी से आंखें धोना बहुत फायदेमंद साबित होता है। डॉ. त्यागी के अनुसार, रात को सोने से पहले गुलाब जल से आंखों की सफाई और आंखों पर खीरे के टुकड़े रखने से जलन और थकान में काफी राहत मिलती है।

सर्दियों में बच्चों और बुजुर्गों को खास ख्याल रखने की जरूरत है। डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह और शाम की कड़ाके की ठंड में बाहर निकलने से बचें। दोपहर १२ से ३ बजे के बीच धूप में निकलना आंखों और शरीर दोनों के लिए बेहतर है। साथ ही, बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी आई-ड्रॉप का इस्तेमाल न करें।

आहार में शामिल करें ये चीजें: आंखों की रोशनी और स्वास्थ्य आपके खान-पान से भी जुड़ा है। सर्दियों में विटामिन ए, बी और सी से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। आंवला और नींबू विटामिन सी के बेहतरीन स्रोत हैं, जो आंखों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। अगर आंखों से लगातार पानी आ रहा हो या दर्द महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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