संसद में महासंग्राम! स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, बजट पर तीखी झड़प

संसद के दोनों सदनों में आज बजट २०२६-२७ पर चर्चा के दौरान सियासी पारा अपने चरम पर रहा। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने एक बड़ा दांव खेलते हुए अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया। ११८ विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर वाले इस नोटिस में आरोप लगाया गया कि अध्यक्ष के बयान संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस नोटिस से दूरी बनाए रखी।
लोकसभा में बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शायराना अंदाज में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बजट आम आदमी के संघर्षों और बेरोजगारी की अनदेखी करता है। थरूर ने कटाक्ष किया, “हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन, दिल के ख़ुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है।” वहीं, दूसरी ओर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने बजट को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि यह २०४७ तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे मजबूत कदम है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि भाजपा को अब ‘स्वदेशी’ जैसे शब्द बोलना छोड़ देना चाहिए। अभिषेक बनर्जी ने बंगाल में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए सरकार पर ‘शमशान से लेकर जन्म तक’ टैक्स लगाने का आरोप लगाया। राज्यसभा में भी माहौल गर्म रहा, जहां स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यू-विन पोर्टल की सफलता के आंकड़े पेश किए, वहीं विपक्षी सदस्यों ने सामाजिक न्याय और ऑनलाइन गेमिंग के रेगुलेशन की मांग उठाई। १० फरवरी की यह कार्यवाही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरे वैचारिक मतभेद की गवाह बनी।