सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 छंद अनिवार्य! गृह मंत्रालय ने राज्यों को जारी किया सख्त निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। अब से सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के तुरंत बाद बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ के पहले 6 छंदों को सामूहिक रूप से गाना अनिवार्य होगा। यह निर्णय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में लिया गया है और सभी राज्य सरकारों को इसके पालन के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ध्वजारोहण, सांस्कृतिक समारोहों, राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों और नागरिक सम्मान (जैसे पद्म पुरस्कार) वितरण समारोहों में इस गीत को कोरस में गाया जाएगा। विशेष बात यह है कि 1937 में कांग्रेस शासन के दौरान इस गीत के अंतिम चार छंदों को हटा दिया गया था, जिन्हें अब मोदी सरकार ने पुनः बहाल कर दिया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब भी यह गीत बजेगा, दर्शकों को सम्मान में खड़ा होना होगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अनुशासन को बढ़ावा देना है। स्कूलों में भी प्रार्थना के समय इसे सामूहिक रूप से गाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। हालांकि, सिनेमाघरों में इसे बजाना अनिवार्य नहीं किया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से देश की नई पीढ़ी अपनी गौरवशाली विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों से और बेहतर तरीके से जुड़ पाएगी।

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