वंदे मातरम पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला! अब सभी ६ अंतरे गाना होगा अनिवार्य, बदल गया सालों पुराना नियम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने २८ जनवरी को एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए ‘वंदे मातरम’ के गायन और वादन को लेकर नए नियम निर्धारित किए हैं। अब देश के सभी सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में इस राष्ट्रीय गीत के सभी ६ अंतरे (Stanzas) गाए या बजाए जाएंगे। अब तक केवल पहले दो अंतरे ही आधिकारिक तौर पर उपयोग किए जाते थे।

नया राष्ट्रीय प्रोटोकॉल नए नियमों के अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों का प्रदर्शन होता है, तो ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले गाया जाएगा। गान के दौरान सभी को सावधान की मुद्रा में खड़े होकर सम्मान देना होगा। हालांकि, सिनेमा हॉल में फिल्म या डॉक्यूमेंट्री के दौरान खड़े होने की अनिवार्यता नहीं होगी।

पूर्ण संस्करण की वापसी का कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर २०२५ के शीतकालीन सत्र में कहा था कि राजनीतिक कारणों से राष्ट्रीय प्रतीक को ‘विभाजित’ किया गया था। सरकार का मानना है कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित मूल गीत को उसकी संपूर्णता में स्वीकार करना चाहिए। वंदे मातरम के १५० साल पूरे होने के अवसर पर यह कदम उठाया गया है।

इतिहास और राजनीति १९३७ में कांग्रेस ने मुस्लिम नेताओं की धार्मिक आपत्तियों के बाद केवल पहले दो स्तरों को ही मान्यता दी थी। बीजेपी का तर्क है कि यह ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति थी, जिसे अब सुधारा जा रहा है। दूसरी ओर, विपक्ष इसे प्रतीकों के राजनीतिकरण का प्रयास बता रहा है।

कहां लागू होंगे नियम?

  • सरकारी और राज्य स्तरीय समारोह।
  • पद्म पुरस्कारों जैसे नागरिक सम्मान समारोह।
  • राष्ट्रपति और राज्यपालों की उपस्थिति वाले कार्यक्रम।
  • स्कूलों की प्रार्थना सभाएं और शैक्षणिक कार्यक्रम।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *