संसद में महासंग्राम: स्पीकर ओम बिरला ने छोड़ी कुर्सी, आज राहुल गांधी के भाषण से थर्राएगी लोकसभा!
भारतीय लोकतंत्र के मंदिर यानी संसद में बुधवार को एक अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिल रही है। विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के बाद, बिरला ने उच्च नैतिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए सदन की अध्यक्षता न करने का फैसला किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक इस नोटिस पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, वे स्पीकर की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। इसी गहमागहमी के बीच, आज दोपहर 12 बजे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बजट पर चर्चा में हिस्सा लेंगे, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
सदन की कार्यवाही पिछले कई दिनों से ठप पड़ी थी, लेकिन मंगलवार को विपक्षी दलों के कड़े रुख के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस चर्चा की शुरुआत की। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर निष्पक्ष नहीं हैं और विपक्षी सदस्यों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी और किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर स्पीकर के चैंबर में घुसकर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी आज राष्ट्रपति के अभिभाषण, सीएए (CAA) और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की संस्मरणों से जुड़े विवादित मुद्दों पर सरकार को घेर सकते हैं।
दूसरी तरफ, संसद में पश्चिम बंगाल को लेकर भी तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने बंगाल के लिए 14,205 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है, जो यूपीए सरकार के समय मिलने वाले 4,300 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। उन्होंने ममता सरकार पर रेल परियोजनाओं में सहयोग न करने का भी आरोप लगाया। आज राहुल गांधी का संबोधन इस पूरे सत्र का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि विपक्ष इस बार सरकार को किसी भी कीमत पर रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है।