बेलडांगा हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को झटका, एनआईए जांच का रास्ता साफ!
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित बेलडांगा में हुई हिंसा के मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया कि वे हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। इसका अर्थ है कि बेलडांगा हिंसा की जांच अब एनआईए (NIA) कर सकती है।
जनवरी की शुरुआत में झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की हत्या के बाद बेलडांगा में भारी हिंसा भड़क उठी थी। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक जाम किया, पुलिस पर हमला किया और मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि हाई कोर्ट को केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देना पड़ा था। राज्य सरकार ने एनआईए जांच की संभावना और केंद्रीय बलों की तैनाती को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इस मामले को वापस हाई कोर्ट भेजते हुए कहा कि यूएपीए (UAPA) की धारा 15 के इस्तेमाल पर हाई कोर्ट ही अंतिम निर्णय लेगा।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की दलीलों को महत्व नहीं दिया। यह हमारी जीत है।” बता दें कि इस हिंसा के सिलसिले में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब एनआईए की एंट्री से इस मामले में शामिल साजिशकर्ताओं की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।