SGB निवेशकों की लॉटरी! 4 गुना तक मिला बंपर रिटर्न, लेकिन बजट 2026 के बाद क्या देना होगा टैक्स?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के निवेशकों के लिए आज यानी 11 फरवरी का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया है। 2019-20 सीरीज IX और 2020-21 सीरीज V के निवेशक आज मैच्योरिटी से पहले अपने फंड की निकासी कर सकते हैं। आरबीआई (RBI) ने इसके लिए ₹15,440 प्रति यूनिट की शानदार कीमत तय की है। 2019 में ₹4,070 प्रति ग्राम की दर से निवेश करने वालों को आज लगभग 3.8 गुना मुनाफा हो रहा है। वहीं 2020 के निवेशकों का पैसा भी 3 गुना बढ़ चुका है। लेकिन बजट 2026 के नए प्रावधानों ने निवेशकों के मन में टैक्स को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
केंद्रीय बजट 2026 में घोषित नए नियमों के अनुसार, अब टैक्स में छूट की शर्तें कड़ी कर दी गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि पुराने टैक्स नियम 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेंगे। वर्तमान नियम के मुताबिक, अगर आप 5 साल बाद आरबीआई की प्री-मैच्योर रिडेम्पशन विंडो के जरिए पैसा निकालते हैं, तो आपको कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होगा। जिन निवेशकों ने कम से कम एक महीने पहले अपने बैंक या डिपॉजिटरी को सूचित किया था, वे आज बिना किसी टैक्स कटौती के अपना पूरा मुनाफा घर ले जा सकेंगे।
असली पेंच 1 अप्रैल, 2026 से फंसेगा। नए नियमों के तहत, मैच्योरिटी पर टैक्स छूट का लाभ केवल उन ‘प्राइमरी इन्वेस्टर्स’ को मिलेगा जिन्होंने इश्यू के समय सीधे सरकार से बॉन्ड खरीदे थे। वे लोग जिन्होंने शेयर बाजार या सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदे हैं, उन्हें अब टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा। निवेश सलाहकार हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदने वालों के लिए 31 मार्च से पहले वाली यह रिडेम्पशन विंडो टैक्स बचाने का आखिरी मौका हो सकती है। फरवरी 2024 के बाद आरबीआई ने कोई नई सीरीज जारी नहीं की है, जिससे मौजूदा बॉन्ड की वैल्यू आसमान छू रही है।