वंदे मातरम पर गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला! अब 3 मिनट 10 सेकंड का ऑफिशियल वर्जन होगा अनिवार्य!
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर एक व्यापक और नई गाइडलाइन जारी की है। नए आदेश के तहत अब वंदे मातरम का 3 मिनट और 10 सेकंड का छह छंदों वाला वर्जन आधिकारिक आयोजनों में अनिवार्य कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और राष्ट्रगीत एक साथ बजाए जाते हैं, तो ‘वंदे मातरम’ को पहले स्थान दिया जाएगा। ध्वजारोहण, राष्ट्रपति के कार्यक्रम, उनके संबोधन और राज्यपालों के आधिकारिक कार्यक्रमों में अब इस प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
10 पन्नों के इस विस्तृत आदेश में कहा गया है कि जब भी राष्ट्रीय गीत का आधिकारिक संस्करण बजाया जाएगा, सभी नागरिकों को सम्मान में सावधान (Attention) मुद्रा में खड़ा होना होगा। हालांकि, डॉक्यूमेंट्री या न्यूज़ील में फिल्म के हिस्से के रूप में बजने पर खड़े होने की छूट दी गई है। केंद्र सरकार ने इस गीत को स्कूलों में भी अनिवार्य रूप से लोकप्रिय बनाने का निर्देश दिया है, जहां दिन की शुरुआत सामुदायिक गायन के साथ हो सकती है।
इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने संसद में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि पहले राष्ट्रगीत की पंक्तियों का बंटवारा किया गया और फिर देश का। उन्होंने इसे राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा विषय बताया था। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 1870 में रचित इस गीत को अब राष्ट्रगान के समान ही संवैधानिक गरिमा और प्रोटोकॉल प्रदान किया गया है। मार्चिंग ड्रिल औ