खुशखबरी! पश्चिम बंगाल में अब सिंचाई मुफ्त और बेरोजगारी भत्ता शुरू, जानें कैसे करें आवेदन
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव से ठीक पहले राज्य के भूमिहीन किसानों और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। मंगलवार को नवान्न (राज्य सचिवालय) में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बजट में घोषित वित्तीय सहायता योजनाएं अप्रैल महीने से प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगी। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नए वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल २०२६ से बटाईदारों (Sharecroppers) के लिए ४,००० रुपये का वार्षिक भत्ता शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही, युवाओं के लिए घोषित मासिक बेरोजगारी भत्ता भी उसी समय से वितरित किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि ‘दुआरे सरकार’ (द्वार पर सरकार) की तर्ज पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां पात्र किसान और युवा जाकर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा, “किसानों को अब सिंचाई के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। हमने सिंचाई शुल्क को पूरी तरह से माफ करने का निर्णय लिया है।” इससे राज्य के सीमांत किसानों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा।
शिक्षित बेरोजगारों के लिए ‘बांग्लार युवा साथी प्रकल्प’ (Bengal Yuva Sathi Scheme) की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत माध्यमिक पास शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रति माह १,५०० रुपये का भत्ता दिया जाएगा। इस योजना के लिए आयु सीमा २१ से ४० वर्ष तय की गई है, और लाभार्थी अधिकतम पांच वर्षों तक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह कदम उन युवाओं के लिए संजीवनी माना जा रहा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या छोटे-मोटे स्वरोजगार की तलाश में हैं।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि चुनाव की आहट के बीच ममता बनर्जी का यह दांव विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। राज्य के एक बड़े हिस्से को सीधे नकदी लाभ (Direct Cash Benefit) पहुँचाकर सरकार अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। अप्रैल से लाभार्थियों के खातों में पैसा पहुंचना शुरू हो जाएगा, जिसे लेकर राज्य के आम लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।