मुंबई के वरली में बड़ा एक्शन! सीवेज प्लांट की जमीन पर अवैध कब्जा, हाईकोर्ट ने दिया तोड़ने का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई के वरली इलाके में एक जमीन पर चल रहे अवैध निर्माण को “तुरंत रोकने” और उसे ढहाने का कड़ा आदेश दिया है। अदालत ने स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जमीन को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित किया गया था, वहां ट्रांजिट कैंप बनाने की अनुमति कैसे दी गई?
न्यायमूर्ति गिरीश एस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती एस साठे की पीठ ने पाया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने पहले ही लिखित रूप में सूचित किया था कि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए है। इसके बावजूद, SRA के अधिकारियों ने इन आपत्तियों को दरकिनार कर दिया। अदालत ने इसे डेवलपर को लाभ पहुँचाने का एक “सिस्टमैटिक डिजाइन” करार दिया है।
कोर्ट ने SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को निर्देश दिया है कि वे उन इंजीनियरों को एक सप्ताह के भीतर निलंबित करने पर विचार करें, जिन्होंने बीएमसी के उच्च अधिकारियों के महत्वपूर्ण पत्रों को छिपाया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस जांच और प्राथमिकी (FIR) की कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई २३ फरवरी को तय की गई है।