ओम बिरला का बड़ा दिल! खारिज हो सकता था अविश्वास प्रस्ताव, स्पीकर ने विपक्ष को खुद दिया मौका

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। तकनीकी खामियों के चलते जिस नोटिस को तुरंत खारिज किया जा सकता था, उस पर स्पीकर ओम बिरला ने ‘विशाल हृदय’ दिखाते हुए उसे सुधारने का निर्देश दिया है। यह कदम संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

नोटिस में क्या थी गड़बड़ी? लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों द्वारा मंगलवार को जमा किए गए नोटिस में कई बड़ी गलतियां थीं। नोटिस में 2025 की घटनाओं का बार-बार जिक्र किया गया था, जबकि नियमों के मुताबिक केवल वर्तमान सत्र या हालिया घटनाओं के आधार पर ही प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस आधार पर इसे पहली नजर में ही रद्द किया जा सकता था। हालांकि, ओम बिरला ने सचिवालय को निर्देश दिया कि विपक्ष को नोटिस संशोधित करने का अवसर दिया जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन हो सके।

विपक्ष के आरोप और बिखराव कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के नेतृत्व में 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस जमा किया गया है। सपा और डीएमके जैसे दलों ने इसका समर्थन किया है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इससे दूरी बना ली है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर निष्पक्ष नहीं हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे केवल एक राजनीतिक स्टंट करार दे रहा है।

9 मार्च पर टिकी सबकी नजरें संसदीय विशेषज्ञों का मानना है कि बहुमत न होने के कारण इस प्रस्ताव का गिरना तय है। बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 9 मार्च से होगी, और उसी दिन संशोधित नोटिस पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्पीकर द्वारा तकनीकी आधार पर प्रस्ताव खारिज न करना उनकी कार्यशैली की उदारता को दर्शाता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *