संसद में राहुल का जुजुत्सु दांव!”ट्रंप हमें पाकिस्तान न समझें, बराबरी का व्यवहार करें!”

संसद के बजट सत्र में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। राहुल ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यापार समझौतों में अमेरिका भारत को अपना “नौकर” समझने की गलती न करे, बल्कि एक समान भागीदार (Equal Partner) के रूप में व्यवहार करे। मार्शल आर्ट जुजुत्सु का जिक्र करते हुए राहुल ने समझाया कि सरकार ने इस सौदे में अपनी पूरी ताकत ट्रंप के हाथों में सौंप दी है।
राहुल गांधी ने डेटा (Data) को आधुनिक युग का ‘पेट्रोल’ बताते हुए कहा कि चीन की बढ़ती शक्ति और डॉलर की साख बचाने के लिए अमेरिका को भारतीय डेटा की सख्त जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने डेटा लोकलाइजेशन और डिजिटल ट्रेड रूल्स पर भारत का नियंत्रण छोड़ दिया है। राहुल के अनुसार, “अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में होता, तो हम अमेरिका से कहते कि हमारा डेटा चाहिए तो हमारे किसानों और हमारी ऊर्जा सुरक्षा का सम्मान करना होगा। हम अमेरिका को फ्री डेटा फ्लो और २० साल की टैक्स हॉलिडे की अनुमति कभी नहीं देते।”
टैरिफ और आयात-निर्यात के आंकड़ों पर सरकार को घेरते हुए राहुल ने कहा कि भारत में आयात शुल्क ३% से बढ़ाकर १८% कर दिया गया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को भारी फायदा होगा। उन्होंने चिंता जताई कि अब अमेरिका तय करेगा कि भारत किससे तेल खरीदेगा और किससे नहीं। राहुल ने इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताते हुए कहा कि अमेरिका के सोयाबीन और मक्का के लिए भारतीय बाजारों के दरवाजे खोलना किसानों के साथ धोखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत को पाकिस्तान की तरह नहीं देखा जाना चाहिए और ट्रंप को अपनी नीतियों में भारतीय हितों को प्राथमिकता देनी होगी।