सेना के सम्मान से खिलवाड़? नरवणे पुस्तक विवाद में भाजपा का राहुल गांधी पर करारा प्रहार

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर राजनीतिक गलियारों में घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने एक सम्मानित सैन्य अधिकारी को अपनी ‘घटिया राजनीति’ में घसीटा है और संसद में झूठ बोला है।
क्या है पूरा विवाद? विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने संसद में दावा किया कि जनरल नरवणे की किताब ऑनलाइन उपलब्ध है। उन्होंने नरवणे के एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार प्रधानमंत्री की छवि बचाने के लिए किताब के प्रकाशन को रोक रही है। राहुल ने सवाल किया कि क्या जनरल झूठ बोल रहे हैं या प्रकाशक (पेगुइन)?
भाजपा का पलटवार: भाजपा ने X पर एक पोस्ट में कहा कि जनरल नरवणे और प्रकाशक दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। भाजपा ने राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा, “राहुल गांधी ने बार-बार तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। वह संसद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।” पार्टी ने यह भी पूछा कि क्या ऐसा व्यवहार करने वाला व्यक्ति वास्तव में विपक्ष के नेता का पद संभालने के योग्य है? स्पीकर ने भी राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए अप्रकाशित सामग्री का हवाला न देने का निर्देश दिया है।